जो बिक न सके उनकी हालत तो देखिए
बिके लोगों पर पर खुशी की आमद तो देखिए
आज फेसबुक और ब्लॉग्स के कुछ स्टेटस-पोस्ट देखकर ऐसा लगता है कि खिलाडियों का आईपीएल में नीलाम होना भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को रास नहीं आता कि फलां इतने करोड में बिक गए ढिकां इतने में बिके। जैसे
प्रशांत प्रियदर्शी का यह फेसबुकिया
स्टेटस सुना कि क्रिकेटरों कि मंडी लगी है आज.. सोचते हैं कि कुछ क्रिकेटर खरीद कर उनसे झाडू-पोछा करवाया जाए.. ;-)
यहॉं पर हमारी टिप्प्णी थी #वैसे बात मजेदार लगती है कभी 'बिक जाना' शर्म की बात है और कभी 'न बिकना' फिर भी बिकने की नेट प्रैक्टिस अच्छी हो रही है।