July 02, 2009

जुलाई : में क्या याद आता है

क्या आपको मालूम है कि जुलाई का महीना उसी दिन से शुरू होता है जिस दिन से अप्रैल का महीना या लीप वर्ष की 1 जनवरी | देख लीजिये ऐसा ही है |

ग्रेगोरियन कैलेन्डर में जुलाई महीने का नामकरण रोमन सम्राट जूलिअस सीजर के नाम सेहुआ है | जूलिअस सीजर के लिए इस महीने का पुनर्नामकरण किया गया था क्योंकि जूलिअस सीजर का जन्म इसी महीने हुआ था और तब यह महीना लैटिन में नाम Quintilis नाम से जाना जाता था | इस तरह जुलाई प्राचीन रोमन कैलेंडर में वर्ष का 5 वाँ महीना था | उस समय तक वर्ष का प्रारम्भ जनवरी से नहीं होता था । ईसा से 450 वर्ष पूर्व ।

इतिहास से बाहर आयें तो जुलाई मतलब बारिश, गरमी से राहत । खेती का नया सत्र, जिसका आधार जुलाईमहीने में होने वाली बारिश तय करती है ।
यह महीना किसानों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील होता है |अति वृष्टि होने पर कुछ क्षेत्रों में बाढ और उससे होने वाली तबाही भी, महीने के उत्तरार्द्ध तक शुरु हो जाती है ।

जुलाई महीने में जो दो सबसे मत्वपूर्ण घटनायें होती हैं वह है शिक्षा सत्र की शुरुआत और संसद का मानसून अधिवेशन । 1 जुलाई को डाक्टर्स डे भी मनाया जाता है, बिल्कुल उसी तरह जैसे वर्ष के सारे ’डे’ मनाये जाते हैं।(हम इस पर ब्लॉग पोस्ट लिखते इसके पहले ही जुलाई हो गई)। वैसे मैनें सुना है की इस महीने से डाक्टरों का भी सीजन शुरु हो जाता है । वजह है पीने के पानी का दूषित हो जाना । ’एनोफ़िलीज’ मैडमों की
संख्या बढ जाती है |
वहीं व्यापारियों के लिए यह मंदा सीजन होता है |

लेकिन जुलाई महीने कि जो सबसे गहरी छाप हमारे मन पर होती है वह हमारे बचपन की होती है । पहली बार शिशु घर से बाहर निकलता है, घर की दुनियासे, थोडी देर के लिये । पहले जब पहली कक्षा में प्रवेशार्थी महोदय काजन्म दिन उनके पिताजी को याद नहीं रहता था तो गुरूजी लोग जन्म-तिथि 1 जुलाई लिख लेते थे | शायद यहीवजह है कि ऐसे कई छात्र बचपन में हमारे साथ थे जिनकी जन्म तिथि 1 जुलाई थी |

घुमक्कड साधुओं के लिये यह
चौमासे के माह की शुरुआत और ययावर जातियां के लिये भी यह समय अपने ठिकाने पर लौटने का होता है ।

झमाझम गिरती हुई बारिश ’रोमान्टिक’ एहसास पैदा करती है, तो दहाडते बादल और बिजली की चमक रोमांचकारी है ।


सबसे बुरा हाल होता है उनका जिनके छत या छप्पर से पानी टपकता है और उ़ससे भी ज्यादा उनका जिनके सर पर छत नहीं होती । शायद बारिश रोमान्टिक तभी लगती है जब हम आराम से अपने घर में सुरक्षित बैठे होते हैं या फ़िर बाहर भीगने के बाद घर में आकर सूखने कि सुविधा रहती है ।


हम अपनी कहें तो सबसे ज्यादा हम मिस करते हैं गीले घास के मैदामें फुटबाल के खेल को |

रिमझिम बारिश में फुटबाल खेलना, फिसलना और गिरना | बरसात में हम लोग मैराथन फुटबाल खेलते थे | उसमें कोई भी शामिल हो सकता था, बस दौड़ना आता हो | फ़िर चाहे एक हाथ से अपना पैंट पकड़कर ही क्यों न दौड़ता हो | कुछ खिलाड़ी तो सिर्फ़ दौड़ते भर थे, फुटबाल उनको तभी मिलाती थे जब वह मैदान से बाहर चली जाती थी |

आपकों भी कुछ याद आ रहा है क्या ? खैर जो भी हो ये तो मानना ही पडेगा की जुलाई का महीना हर तरह से रोमांचकारी होता है ।

सभी चित्र - गूगल से

3 comments:

  1. वाकई बारिश रोमांटिक तभी लगती है जब घर अच्छा और सुरक्षित हो ,बहुत महीन नब्ज पकडी आपने

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  2. बढिया है.जुलाई का महीना अपने आप में ही महत्वपूर्ण है, न केवल शिक्षा सत्र के कारण बल्कि गरमी से तपती धरती और झुलसते लोगों के लिये राहत का संदेश लाने के कारण भी.हां रोमान्टिक तभी लगती है, जब आप सुविधा-सम्पन्न हों.

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नेकी कर दरिया में डाल