March 06, 2011

एक गैर जिम्‍मेदाराना कविता

मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ
महँगाई के बढने का
कचडे के ढेर की तरह रोज
घोटालों के निकलने का
मैं जिम्‍मेदार नहीं हूं देश में
किसी भी तरह की गडबडियों का
सचिवों मंत्रियों नौकरशाहों की नि‍युक्तियों का
मैं बिल्‍कुल जिम्‍मेदार नहीं हूँ
किसी के मरने का


मैं कोई ज्‍योतिषी नहीं हूं
जो जान पाऊं कि इस देश में
कब क्‍या हो जाएगा
न ही मैं जिम्‍मेदार हूँ किसी की
गैर जिम्‍मेदाराना हरकतों का
मैं किसी भी तरह की जिम्‍मेदारियों का
जिम्‍मेदार नहीं हूँ
मैं अपने पद पर बने रहने और
न बने रहने का भी
जिम्‍मेदार नहीं हूँ

मैं जिम्‍मदार नहीं हूँ
किसी भी तरह के घोटाले का
घोटाला करने वालों से इस्‍तीफा मॉंगना तो दूर
मैं घोटाले को घोटाले कहने का भी जिम्‍मेदार नहीं हूँ

मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ
मेरी नाक के नीचे रिश्‍वत लेते कर्मचारियों का
मेरे संस्‍थान के घाटे में चलने का
या उसके ठप्‍प पड जाने का

मैं किसी भी गाडी के चलने या
चलते-चलते या खडे-खडे ही पलट जाने
का जिम्‍मेदार नहीं हूँ

मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ
अस्‍पताल में मरीजों को दवाइयॉं खाना उपलब्‍ध न होने का
मरीजों को भर्ती न किए जाने या इस वजह से उनके
अस्‍पताल के बाहर ही दम तोड दिए जाने का
किसी भी तरह की गंदगी का

मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ
सडक पर तडपते हुए आदमी की मदद न करने का
अपने पुलिसिया डंडे को काबू में न रखने का
वक्‍त पर थोडी अतिरिक्‍त फुर्ती न दिखाने और
कमजोर लोगों को इंसान न समझने का भी
मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ

मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग में
विज्ञान शोध तकनीकी लेखन की कमी का
चिकित्‍सा संबंधी ब्‍लॉगों का
इस तरह के साझा प्रयासों के न होने का

मैं इस देश की सरकार चुनने का भी
जिम्‍मेदार नहीं हूँ
न ही अपराधियों, व्‍यापारियों, नौंटंकीबाजों
को जिताकर संसद में भेजने का
मैं अपने घर की सामने वाली सडक से लेकर
इस देश में फैली हुई
किसी भी तरह की गंदगी का जिम्‍मेदार नहीं हूँ

मैं प्रधनमंत्री हूँ पुलिस वाला
रेलमंत्री या डॉक्‍टर इंजीनियर टेक्‍नोक्रेट हूँ
मै आम आदमी हूँ
मैं वह सब हूँ जिसके लिए मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ

इसीलिए मैं उन सब बातों को लिखने का जिम्‍मेदार नहीं हूँ
जिनका मैं जिम्‍मेदार नहीं  हूँ

16 comments:

  1. इतनी जिम्मेदारी आ गयी आम आदमी के कन्धों पर कि अपने से हटायें तो कहाँ रखें?

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  2. कमाल की ग़ैर ज़िम्मेदाराना कविता है भाई. बढिया है.

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  3. क्या बात है !
    बहुत उद्देश्यपूर्ण है ये ग़ैर ज़िम्म्दारी :)

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  4. कितनी जिम्मेदारी से कविता लिखी है आपने फिर भिओ कहते हैं...हम जिम्मेदार नहीं हैं....ऐसे कैसे चलेगा सर....ये तो मनमोहनी मज़बूरी है....वैसे अब मज़बूरी का नाम गाँधी नहीं..बल्किं......''मज़बूरी का नाम मनमोहन सिंह'' हो गया है...

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  5. विचारोत्तेजक। जिम्मेदारी का एहसास दिलाती कविता।

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  6. मैं प्रधनमंत्री हूँ पुलिस वाला
    रेलमंत्री या डॉक्‍टर इंजीनियर टेक्‍नोक्रेट हूँ
    मै आम आदमी हूँ
    मैं वह सब हूँ जिसके लिए मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ
    Kya khoob kahee!

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  7. Awesome! Superb! बहुत ही अच्छी कविता है! अब पता चला क्यों मुझे लोग जिम्मेदार बनाना चाहते हैं.

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  8. "मैं वह सब हूँ जिसके लिए मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ"

    Thik kaha. Kavita sharminda karti hai.

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  9. मैं जिम्‍मेदार नहीं हूँ
    महँगाई के बढने का
    कचडे के ढेर की तरह रोज
    घोटालों के निकलने का
    मैं जिम्‍मेदार नहीं हूं देश में
    किसी भी तरह की गडबडियों का
    सचिवों मंत्रियों नौकरशाहों की नि‍युक्तियों का
    मैं बिल्‍कुल जिम्‍मेदार नहीं हूँ
    किसी के मरने का
    ati sundar ,aapko holi parv ki bahut bahut badhai ..

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  10. बहुत ही सटीक

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  11. फिर क्या करेंगे आप,भाड़ झोकेंगे ?
    ज़ोर से तमचियाये हो,पर लगेगा किसे ?

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  12. सत्ता में बैठे जो लोग अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं उन्हें चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।

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  13. बेहतरीन लिखा है, अच्छे शब्द लेख में बिल्कुल सही कहा/बताया है

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  14. सटीक सामयिक व्यंग. बहुत अच्छा लिखा है.

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  15. badi jimmedari se iss topic ko aakaar diya hai aapne.

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  16. बेहतरीन अभिव्यक्ति!

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नेकी कर दरिया में डाल